भारत एक बार फिर वैश्विक मंच पर नेतृत्व की भूमिका निभाने जा रहा है। India-AI Impact Summit 2026 का आयोजन 19 और 20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में किया जाएगा। यह सम्मेलन इसलिए ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि यह ग्लोबल साउथ में होने वाला दुनिया का पहला बड़ा वैश्विक AI सम्मेलन होगा। इस समिट के जरिए भारत विकासशील देशों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का एजेंडा तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस में हुए AI Action Summit के दौरान इस सम्मेलन के उद्देश्य स्पष्ट किए थे। उन्होंने कहा था कि AI का लाभ केवल विकसित देशों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि विकासशील और गरीब देशों को भी इसका बराबर फायदा मिलना जरूरी है।
100 से ज्यादा देशों की होगी भागीदारी
India-AI Impact Summit 2026 में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इसमें
- दुनिया के बड़े नेता
- टेक्नोलॉजी कंपनियों के CEO
- AI एक्सपर्ट्स और शोधकर्ता
- नीति-निर्माता
- स्टार्टअप्स और अंतरराष्ट्रीय संगठन
शामिल होंगे। सभी मिलकर AI के भविष्य, इसके सुरक्षित उपयोग और इसके सामाजिक असर पर चर्चा करेंगे।
ग्लोबल साउथ की आवाज बनेगा भारत
इस सम्मेलन का सबसे बड़ा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि AI पर होने वाली वैश्विक बातचीत केवल अमीर और विकसित देशों तक सीमित न रहे। भारत चाहता है कि ग्लोबल साउथ के देश भी AI के नियम, नीतियां और तकनीक तय करने में बराबर की भूमिका निभाएं।
भारत का फोकस इस बात पर है कि:
- AI तकनीक, डेटा और कंप्यूटिंग संसाधनों तक सभी देशों की पहुंच हो
- जिन देशों के पास संसाधन कम हैं, उन्हें भी AI का लाभ मिल सके
- AI का उपयोग लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में हो
People, Planet और Progress पर आधारित सोच
India-AI Impact Summit 2026 तीन मुख्य सिद्धांतों पर आधारित है:
People (लोग):
AI इंसानों के लिए हो, उनकी भाषा, संस्कृति और जरूरतों को समझे।
Planet (पृथ्वी):
AI तकनीक पर्यावरण के अनुकूल हो और ऊर्जा की बचत करे।
Progress (प्रगति):
AI से सभी देशों और समाज के हर वर्ग को समान विकास का अवसर मिले।
सम्मेलन के 7 प्रमुख विषय
इस AI समिट में सात अहम विषयों पर चर्चा होगी:
- मानव संसाधन और स्किल्स – AI शिक्षा और रोजगार की तैयारी
- समावेशन और सामाजिक सशक्तिकरण – भाषा और संस्कृति को समझने वाली AI
- सुरक्षित और भरोसेमंद AI – पारदर्शी और जिम्मेदार सिस्टम
- नवाचार और टिकाऊ समाधान – संसाधन बचाने वाली तकनीक
- वैश्विक शोध और सहयोग – देशों के बीच रिसर्च पार्टनरशिप
- AI संसाधनों का लोकतंत्रीकरण – साझा डेटा और कंप्यूटिंग सुविधा
- विकास और सामाजिक भलाई के लिए AI – स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा में AI का उपयोग
प्री-समिट गतिविधियाँ भी होंगी खास
सम्मेलन से पहले भारत कई अहम पहल करेगा, जैसे:
- रिसर्च सिम्पोजियम, जहां AI रिसर्च को नीति से जोड़ा जाएगा
- AI Policy to Practice Labs, जिससे जिम्मेदार AI को लागू किया जा सके
- AI Impact Challenges, जिनमें AI for ALL, AI by HER और युवाओं के लिए इनोवेशन प्रोग्राम शामिल होंगे
क्यों है यह समिट इतना अहम?
अब तक AI पर होने वाली वैश्विक चर्चाएं ज़्यादातर सुरक्षा तक सीमित थीं। लेकिन यह सम्मेलन AI के वास्तविक इस्तेमाल और उसके असर पर फोकस करेगा, खासकर विकासशील देशों के लिए।
भारत का लक्ष्य है:
- AI में वैश्विक असमानता को कम करना
- सभी के लिए AI तक पहुंच सुनिश्चित करना
- ग्लोबल साउथ को AI का भविष्य तय करने में भागीदार बनाना
निष्कर्ष
India-AI Impact Summit 2026 भारत को वैश्विक AI नेतृत्व में एक नई पहचान दिलाने वाला है। यह सम्मेलन न सिर्फ AI का भविष्य तय करेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि विकासशील देशों की आवाज दुनिया सुने। भारत के लिए यह समिट तकनीक, कूटनीति और विकास का एक मजबूत संगम साबित हो सकता है।
